सोमवार, 21 सितंबर 2009

ज्ञानरंजन ने प्रलेस से दिया इस्तीफा

भोपाल। हिन्दी के प्रसिद्ध कथाकार एवं ‘पहल’ के सम्पादक श्री ज्ञानरंजन ने राजनीतिक मतभेदों के कारण अखिल भारतीय प्रगतिशील लेखक संघ की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। श्री ज्ञानरंजन के अनुसार उन्होंने यह कदम प्रलेस के राजनीतिक पतन के विरोध में दिया है। उल्लेखनीय है कि श्री ज्ञानरंजन ने बरसों से लोकप्रिय पत्रिका ‘पहल’ का प्रकाशन बन्द करके साहित्य जगत में नई हलचल पैदा कर दी थी।

7 टिप्‍पणियां:

Raju ने कहा…

आश्चर्य की बात है कि स्तीफा प्रलेस और उसकी राजनैतिक ताकतों के पतन के अन्तिम दौर में दिया गया है।

shama ने कहा…

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Amit K Sagar ने कहा…

चिट्ठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है. सतत लेखन हेतु शुभकामनाएं. जारी रहें.

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Till 30-09-09 लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर] - होने वाली एक क्रान्ति!

lalit sharma ने कहा…

स्वागत है आपका चिटठा जगत में,आपको मेरी शुभकामनाएं
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Shyam ने कहा…

gyan ji ye kam to bahut pahley kar lena chahiye tha fir bi der ayad drust ayad

saket ने कहा…

बहुत अच्छा लगा । महान शायर दुष्यंत कुमार के नाम से ब्लॉग शुरु करने के लिए धन्यवाद !
साकेत सहाय
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हितेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा…

Bahut Barhia... aapka swagat hai... isi tarah likhte rahiye...

thanx
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