शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009

‘कुछ बातें अनकही’ लोकार्पित

दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय में सुपरिचित रचनाकार श्री विनोद रायसरा के संग्रह ‘कुछ बातें अनकही’ का लोकार्पण किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि शिवपुरी निवासी वरिष्ठ गीतकार श्री विद्यानन्दन राजीव थे। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री महेश श्रीवास्तव ने की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री महेश श्रीवास्तव ने श्री रायसरा को संवेदनशील गीतकार निरूपित किया। उन्होंने कहा कि श्री रायसरा ने ढाई आखर को आत्मसात कर गीतरचना की है। मुख्यअतिथि श्री विद्यानन्दन राजीव ने कहा कि इन दिनों गीत और ग़ज़ल लिखने वालों की होड़ लगी हुई है। ऐसे में श्री रायसरा अपनी अलग पहचान बनाये हुये हैं। संग्रह पर समीक्षात्मक टिप्पणी वरिष्ठ ग़ज़लकार श्री महेश अग्रवाल ने की।
आरम्भ में श्री अशोक निर्मल ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालन संग्रहालय राजुरकर राज ने और आभार श्री राजेन्द्र जोशी ने व्यक्त किया।

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